कनाडा ने भारत के खिलाफ जारी की विवादित ‘ट्रैवल एडवाइजरी’
भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही तल्खी अब एक नए चरम पर पहुँच गई है। कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले कनाडा सरकार ने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा एडवाइजरी (Travel Advisory) को अपडेट किया है। इस नई सूची में भारत को “हाई अलर्ट” श्रेणी में रखा गया है, जो बेहद चिंताजनक है। कनाडा ने इसके पीछे भारत में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा जोखिमों जैसे बेतुके तर्क दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि कनाडा ने भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सीरिया जैसे युद्धग्रस्त देशों की श्रेणी (Category) में लाकर खड़ा कर दिया है। इस फैसले ने भारतीय राजनयिक हलकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कनाडा वास्तव में द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को सुधारना चाहता, तो वह ऐसी कठोर भाषा और अपमानजनक वर्गीकरण से बच सकता था। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, भारत को अस्थिर देशों की सूची में डालना एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल (Diplomatic Move) हो सकती है। हालांकि कनाडा ने यात्रा पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन अपने नागरिकों को भारत यात्रा के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। मार्क कार्नी की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों के फिर से बहाल होने की उम्मीद थी, लेकिन इस नए कदम ने विश्वास की खाई को और गहरा कर दिया है। भारत सरकार की ओर से भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया (Response) आने की संभावना जताई जा रही है।

