प्रयागराज में आस्था का सैलाब, विवादों के घेरे में मौनी अमावस्या: शंकराचार्य ने स्नान से किया इनकार
संगम नगरी प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर जहां करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, वहीं शंकराचार्य अવિમુક્તેશ્વરાનંદ ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाकर विवाद खड़ा कर दिया है। शंकराचार्य ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें डराने के लिए इशारे किए गए। इस अपमानजनक व्यवहार (Behavior) के विरोध में उन्होंने संगम स्नान करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे माघ मेले में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इस विवाद के बावजूद संगम तट पर जनसैलाब उमड़ा हुआ है और प्रशासन (Administration) का अनुमान है कि आज के दिन लगभग तीन करोड़ लोग मोक्ष की डुबकी लगाएंगे।
भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जा रही है, जबकि यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि (Activity) को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। संगम नोज पर तैनात पुलिसकर्मी भीड़ को एक जगह रुकने से बचाने के लिए निरंतर सिटी बजाकर निर्देश (Instructions) दे रहे हैं। अभी तक करीब 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, और श्रद्धालुओं का संगम की ओर आने का सिलसिला लगातार जारी है।

