गुजरात में आसमानी आफत: फरवरी के अंत में मेघराजा की एंट्री, आज 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
गुजरात में फरवरी के अंतिम दिनों में प्रकृति का एक अजीबोगरीब मिजाज (Weather Pattern) देखने को मिल रहा है, जहां शीतकाल की विदाई और ग्रीष्मकाल के आगमन के बीच मानसून जैसी स्थिति बन गई है। सोमवार को अहमदाबाद, भरूच और अमरेली में हुई बेमौसम बारिश (Unseasonal Rain) के बाद, मंगलवार (24 फरवरी) को भी मौसम विभाग ने साबरकांठा, अरावली, महिसागर, छोटा उदेपुर, दाहोद और पंचमहाल सहित छह जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है। सुरेंद्रनगर के लखतर तालुका और आसपास के ग्रामीण इलाकों में देर रात हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर और पूर्व गुजरात में तेज हवाओं और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना (Possibility) है, जिससे रबी की फसलों को भारी नुकसान होने का डर सता रहा है।
राज्य के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है; सोमवार रात एस.जी. हाईवे और प्रहलाद नगर सहित कई इलाकों में हुई बारिश के बाद आज सुबह भारी नमी (Humidity) और कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) काफी कम दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण गुजरात के सूरत और तापी के साथ-साथ सौराष्ट्र-कच्छ के क्षेत्रों में भी चक्रवाती हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वातावरण में आए इस अचानक बदलाव (Sudden Change) के कारण लोगों को एक ही दिन में सर्दी, गर्मी और बारिश जैसी तीन ऋतुओं का अहसास हो रहा है। प्रशासन ने मछुआरों और किसानों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि यह बेमौसम बरसात स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Effect) डाल सकती है, जिससे वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

