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शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर: भारत को पछाड़कर ताइवान बना दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार

एशियाई शेयर बाजार के इतिहास में पहली बार एक बहुत बड़ा आर्थिक उलटफेर देखने को मिला है। दुनिया भर के शेयर बाजारों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) की रैंकिंग में ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए विश्व में पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। ताइवान की इस आश्चर्यजनक बढ़त के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वैश्विक क्रेज मुख्य वजह है। एआई तकनीक की बढ़ती मांग के कारण दुनिया की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है, जिसका सीधा लाभ ताइवान के बाजार को मिला। इस बदलाव के कारण भारत अब वैश्विक सूची (Global List) में एक स्थान नीचे खिसक कर छठे नंबर पर पहुंच गया है। वर्तमान में अमेरिका $77.96 ट्रिलियन के साथ पहले और चीन $15.57 ट्रिलियन के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है।

वर्ष 2026 के आर्थिक रुझानों (Economic Trends) का विश्लेषण करें तो भारतीय शेयर बाजार के धीमा होने के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण हैं। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम आसमान छू रहे हैं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, इसलिए बढ़ती महंगाई ने भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देश, जो टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब (Manufacturing Hub) माने जाते हैं, उन्हें एआई रैली का भरपूर फायदा मिल रहा है। ताइवान की चिपमेकर कंपनी के शेयरों में इस साल 49% की भारी बढ़त दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक उभरते बाजारों (Emerging Markets) के बीच यह प्रतिस्पर्धा और अधिक रोचक बनी रहेगी।

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