हरियाणा में ‘साइलेंट किलर’ का कहर: 6 साल में 18,000 युवाओं की हार्ट अटैक से मौत, विधानसभा में सरकार ने पेश किए डराने वाले आंकड़े
हरियाणा विधानसभा (Assembly) में बुधवार को पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने राज्य में युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। सरकार ने खुलासा किया कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच 18 से 45 वर्ष की आयु के लगभग 18,000 युवाओं की मृत्यु हार्ट अटैक (Heart Attack) या हार्ट फेल्योर के कारण हुई है। कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में दी गई इस जानकारी के अनुसार, मौतों का यह सिलसिला साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है, जिसमें वर्ष 2025 में सर्वाधिक 3,255 मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन मौतों का कोविड-19 (COVID-19) या टीकाकरण (Vaccination) के साथ किसी भी संबंध की जांच के लिए अब तक कोई आधिकारिक सर्वे (Survey) या स्टडी नहीं की गई है।
जिला स्तर से प्राप्त डेटा (Data) के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि 2020 में जहां 2,394 युवाओं की जान गई थी, वहीं 2024 और 2025 में यह आंकड़ा 3,000 के पार पहुंच गया है। सरकार के इस जवाब ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे और युवाओं की जीवनशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यद्यपि विपक्ष ने इन मौतों के पीछे के वैज्ञानिक कारणों (Scientific Reasons) की गहराई से जांच करने की मांग की है, लेकिन वर्तमान में प्रशासन ने केवल मौतों की संख्या की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का दिल की बीमारी से ग्रसित होना एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) की ओर इशारा करता है, जिसके लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

