गुजरात का औद्योगिक महाशंखनाद: सीएम भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च की ‘विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026’, MSME और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य की नई और महत्वाकांक्षी “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” (Industrial Policy) को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस नई नीति में मुख्य रूप से स्टार्टअप सहायता और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है, जो आगामी वर्षों के लिए राज्य के औद्योगिक विकास का एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को सिद्ध करने के लिए गुजरात को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, नवाचार-संचालित और एक टिकाऊ औद्योगिक पावरहाउस (Global Powerhouse) के रूप में स्थापित किया जा रहा है। सरकार की यह नई औद्योगिक नीति मुख्य रूप से चार मजबूत स्तंभों पर टिकी है, जिनमें निवेश और उत्पादन, नवाचार और अनुसंधान, कौशल और रोजगार, तथा सतत एवं समावेशी विकास शामिल हैं, जो व्यापार करने की सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
नीति की घोषणा करते हुए सीएम भूपेंद्र पटेल ने ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (Sustainable Development) को इस पूरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहलू बताया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति कटिबद्धता दिखाते हुए इस नीति के अंतर्गत राज्य में ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क, वेस्ट वॉटर रीसाइक्लिंग, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, क्लीनर प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्तमान में तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, उभरती हुई नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक ग्लोबल सप्लाई चेन के स्वरूप को ध्यान में रखकर ही इस नीति का निर्माण किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि औद्योगिक जगत की मांगों और भविष्य की जरूरतों को आपस में समाहित कर तैयार की गई यह अनूठी नीति देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित होगी।

