अहमदाबाद में गैस की किल्लत और कालाबाजारी का ‘धमाका’: ₹5000 तक पहुंचा कमर्शियल सिलेंडर, घरेलू बोतलों से रिफिलिंग का खेल शुरू
अहमदाबाद शहर में इन दिनों एलपीजी और पीएनजी (PNG) के दोहरे कनेक्शनों के चलते गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शहर के करीब 70% इलाकों में पीएनजी लाइन पहुंचने के बावजूद लगभग 3 लाख लोगों ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर (Surrender) नहीं किए हैं। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के तनाव के कारण केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस की आपूर्ति में 60% तक की कटौती (Cut) कर दी है, जिससे बाजार में हाहाकार मच गया है। वर्तमान में कमर्शियल सिलेंडर केवल स्कूलों, अस्पतालों और मंदिरों जैसी जरूरी जगहों को ही दिए जा रहे हैं। इस भारी किल्लत का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उन्हें ऊंचे दामों पर कमर्शियल बोतलों में भरकर बेच रहे हैं।
गैस की इस कमी ने कालाबाजारी को चरम पर पहुंचा दिया है, जहां सामान्य दिनों में ₹1900 में मिलने वाला 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर (Commercial Cylinder) अब ₹4500 से ₹5000 के बीच बिक रहा है। हैरानी की बात यह है कि घरेलू सिलेंडर से अवैध रूप से रिफिलिंग करने पर लागत मात्र ₹1250 आती है, जिसे दलाल तीन से चार गुना मुनाफे (Profit) पर ब्लैक में बेच रहे हैं। इस गोरखधंधे के कारण आम ग्राहकों के घरों तक पहुंचने वाले सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम होने की शिकायतें बढ़ गई हैं। आपूर्ति विभाग (Supply Department) की निष्क्रियता के बीच लोग महंगे दामों पर ईंधन खरीदने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने दोहरे कनेक्शनों और अवैध रिफिलिंग केंद्रों पर सख्त कार्यवाही (Action) नहीं की, तो आने वाले दिनों में ईंधन का संकट और भी विकराल रूप ले सकता है।

