अहमदाबाद में सुरक्षा संकट: 35 पुलिस स्टेशनों में ‘सेकंड पीआई’ (PI) के पद खाली, मैनपावर की कमी से पुलिसिंग और जांच की रफ्तार सुस्त
अहमदाबाद शहर में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि शहर की सुरक्षा करने वाले पुलिस महकमे में ही मैनपावर (Manpower) की भारी किल्लत है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शहर के कम से कम 35 पुलिस स्टेशनों में मंजूर किए गए ‘सेकंड पुलिस इंस्पेक्टर’ (PI) के बिना ही काम चल रहा है। इस कमी के कारण वर्तमान में तैनात अधिकारियों पर काम का बोझ अत्यधिक बढ़ गया है। सेक्टर-1 में कुल 26 थानों में से 20 ऐसे हैं जहाँ केवल एक ही पीआई कार्यरत है, जिनमें वस्त्रापुर, सोला, नवरंगपुरा और सैटेलाइट जैसे व्यस्त इलाके शामिल हैं। अधिकारियों की यह कमी सीधे तौर पर प्रशासनिक कार्यक्षमता (Efficiency) और फील्ड ऑपरेशंस पर असर डाल रही है, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी की संभावना बढ़ गई है।
सेक्टर-2 के औद्योगिक और श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर है, जहाँ दरियापुर, बापूनगर और ओढव जैसे 15 थानों में सेकंड पीआई (PI) के पद खाली हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब एक ही अधिकारी को कागजी कार्रवाई से लेकर फील्ड डिप्लॉयमेंट (Field Deployment) तक सब कुछ संभालना पड़ता है, तो अपराधों की रोकथाम (Preventive Policing) पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। औद्योगिक इलाकों में लूट और चोरी की घटनाएं आम हैं, जिसके लिए मजबूत पुलिसिंग की आवश्यकता है। हालांकि रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्तावों पर चर्चा की गई है, लेकिन प्रशासनिक देरी (Administrative Delay) और प्रमोशन के कारण ये सीटें खाली रह गई हैं। शहर में कानून और व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) में सुधार करने के लिए इन पदों को तुरंत भरना अनिवार्य हो गया है।

