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‘आप’ में मची बड़ी भगदड़: 7 सांसदों के बाद अब पंजाब के 28 और दिल्ली के 22 विधायकों पर भाजपा की नजर, खतरे में केजरीवाल का ‘किला

आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए राजनीतिक चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्यसभा में राघव चड्ढा सहित सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब पंजाब और दिल्ली की सरकारों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें (Speculations) तेज हैं कि पंजाब के लगभग 28 और दिल्ली के 22 विधायक भी जल्द ही पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हरियाणा ‘आप’ के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने दावा किया है कि पंजाब इकाई में भारी असंतोष है और कई नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। इस बीच, पार्टी छोड़ने वाली स्वाति मालीवाल ने सीधे अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी में भ्रष्टाचार (Corruption) चरम पर पहुंच गया है, जिसके कारण पुराने नेता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस बड़े राजनीतिक संकट को देखते हुए पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया गुजरात से सीधे दिल्ली लौटे और केजरीवाल के साथ आपातकालीन बैठक (Emergency Meeting) की। सिसोदिया ने पंजाब के मंत्री डॉ. बलवीर सिंह से भी मुलाकात की है, जिन्होंने दावा किया कि भाजपा पंजाब में ‘ऑपरेशन लोटस’ (Operation Lotus) के जरिए सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, ‘आप’ ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर दल-बदल करने वाले सातों सांसदों को अयोग्य (Disqualify) घोषित करने की मांग की है। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस तरह की बगावत ने पार्टी के संगठन (Organization) को हिला कर रख दिया है। अब केजरीवाल के सामने न केवल अपनी सरकारें बचाने की चुनौती है, बल्कि टूटे हुए भरोसे को फिर से बहाल करने का भी एक कठिन कार्य है।

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