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मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट से वैश्विक बाजारों में हड़कंप: भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

ईरान और इजरायल के बीच लेबनान को लेकर छिड़े नए सैन्य संघर्ष और दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के कारण मिडिल ईस्ट (Middle East) में एक बार फिर युद्ध जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। इस वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा और बेहद नकारात्मक असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों और कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) पर देखने को मिला है। इसी क्रम में, आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी बिकवाली के दबाव में लाल निशान के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) एक झटके में 925 अंक तक टूट गया, हालांकि बाद में मामूली रिकवरी (Recovery) के साथ यह ₹73,471.78 के आसपास कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी शुक्रवार के बंद स्तर के मुकाबले सीधे 296 अंक का गोता लगाकर 23,070 के स्तर पर पहुंच गया।

इस अशांत माहौल के बीच सर्राफा और तेल बाजारों में भी भारी उथल-पुथल मची हुई है, जहां वायदा बाजार में सोने की कीमतें शुक्रवार के मुकाबले सीधे ₹1,998 टूटकर ₹1,53,596 पर आ गईं और चांदी में ₹6,547 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक भारी उबाल आ गया है, जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) $3.31 की उछाल के साथ $96.40 प्रति बैरल के आसपास ट्रेंड कर रहा है। कच्चे तेल के महंगे होने और वैश्विक अनिश्चितता के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 29 पैसे कमजोर होकर ₹95.23 के स्तर को पार कर गया है। बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो आयात खर्च बढ़ने से घरेलू स्तर पर महंगाई का दबाव और अधिक बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों को आने वाले दिनों में और सतर्कता बरतनी होगी।

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