बीजिंग एयरपोर्ट पर हाई-ड्रामा: चीन की विदाई के वक्त डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने दिखाई तल्खी, कचरे के डिब्बे में फेंके चीनी उपहार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी उच्च स्तरीय टीम के दो दिवसीय हाई-प्रोहैफाइल चीन दौरे के समापन पर बीजिंग एयरपोर्ट पर एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट और न्यूयॉर्क पोस्ट के दावों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन (Airforce One) में सवार होने से ठीक पहले चीन सरकार की ओर से मिले सभी आधिकारिक उपहारों, स्मृति चिह्नों और पहचान पत्रों को हवाई अड्डे के कचरे के डिब्बे में फेंक दिया। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को इन उपहारों और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से जासूसी (Spying) या डेटा ट्रैकिंग होने का भारी डर था। इसी सुरक्षा प्रोटोकॉल (Protocol) के चलते अमेरिकी अधिकारी अपने व्यक्तिगत लैपटॉप और मोबाइल फोन अमेरिका में ही छोड़कर आए थे और चीन में उन्होंने केवल अस्थायी ‘क्लीन बर्नर फोन’ का ही इस्तेमाल किया था। व्हाइट हाउस के सख्त निर्देशों के कारण चीन में निर्मित या वहां से उपहार में मिली किसी भी वस्तु को राष्ट्रपति के विमान के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इस घटना को राजनयिक हलकों में चीन के खुले अपमान के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे साफ है कि दावों के विपरीत दोनों महाशक्तियों के बीच अंदरूनी तनाव काफी गहरा था। यात्रा के दौरान बीजिंग के ऐतिहासिक ‘टेंपल ऑफ हेवन’ (Temple of Heaven) के दौरे पर भी दोनों देशों के अधिकारियों के बीच भारी विवाद देखने को मिला था, जब चीनी सुरक्षाकर्मियों ने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंट को हथियार के साथ प्रवेश करने से रोक दिया था। इस सुरक्षा मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगभग 90 मिनट तक तीखी बहस हुई, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज (Media Coverage) भी काफी देर से शुरू हो सकी। हालांकि शी जिनपिंग और ट्रंप की आधिकारिक मुलाकात तस्वीरों में बेहद भव्य नजर आई, लेकिन एयरपोर्ट पर सामान को इस तरह डस्टबिन (Dustbin) के हवाले करने की घटना ने यह साबित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर गहरे अविश्वास की खाई आज भी जस की तस बनी हुई है।

