ગુજરાત

ईंधन संकट पर बीजेपी सांसद का बड़ा बयान: पुरुषोत्तम रूपाला ने माना—देश में बचा है सिर्फ 40 फीसदी पेट्रोल-डीजल का स्टॉक

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम (Election Results) घोषित होने के तुरंत बाद देश में ईंधन संकट और महंगाई का एक बड़ा मुद्दा गरमा गया है। अब तक विपक्ष द्वारा जताई जा रही पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंकाओं को सरकार ‘चुनावी अफवाह’ बताकर खारिज कर रही थी, लेकिन अब खुद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद पुरुषोत्तम रूपाला ने इस संकट की जमीनी हकीकत को स्वीकार कर लिया है। एक बयान में उन्होंने माना कि देश में वर्तमान में केवल 40 प्रतिशत ही ईंधन का स्टॉक (Stock) बचा है। सांसद के इस बड़े खुलासे के बाद “घबराने की कोई जरूरत नहीं है” जैसे सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से गुजरात के कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत के कारण वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और अधिकांश पंपों पर तालाबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है। सांसद रूपाला द्वारा वाहन चालकों को संयम बरतने और करकसर से ईंधन का उपयोग करने की सलाह देने से आम जनता में चिंता और अधिक बढ़ गई है।

इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट और घरेलू किल्लत के बीच भारतीय किसान संघ (Bhartiya Kisan Sangh) ने सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बेहद तीखा और अणियारा रुख अपनाया है। किसान संघ ने नाराजगी जताते हुए सीधे सवाल किया है कि जब देश के अन्नदाता को खेतों में ट्रैक्टर चलाने के लिए कतारों में खड़े रहने के बाद भी दो लीटर डीजल नसीब नहीं हो रहा है, तो एयरकंडीशंड (Air-conditioned) स्टेडियमों में फ्लड-लाइटों की चकाचौंध के बीच मनोरंजन और व्यावसायिक हितों के लिए इतनी भारी मात्रा में ऊर्जा की बर्बादी क्यों की जा रही है? संघ ने पूछा है कि क्या संकट के समय किसानों को प्राथमिकता न देकर ऐसे तमाशे करना देशहित में है? किसानों की इस तीखी मांग और बीजेपी सांसद के इस चौंकाने वाले कबूलनामे के बाद सरकार के ऊर्जा प्रबंधन (Energy Management) और संकट से निपटने की तैयारियों पर चौतरफा राजनीतिक दबाव बेहद बढ़ गया है।

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