मेघ मेहरबान: गुजरात में मानसून का रौद्र रूप, बालासिनोर में पौने 6 इंच बारिश से थमी रफ्तार
गुजरात के मध्य और उत्तर भाग के विभिन्न जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान व्यापक और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे पूरे राज्य में मानसूनी माहौल पूरी तरह जम गया है। सरकारी आंकड़े (Official Statistics) के अनुसार, महिसागर जिले के बालासिनोर (Balasinor) तालुका में सबसे अधिक 147 मिलीमीटर यानी करीब 5.79 इंच भारी बारिश खाबकने से चारों तरफ जलभराव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो गई है। इस भारी वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों और मुख्य रास्तों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बालासिनोर के अलावा अरावली जिले के भिलोडा में 75 मिमी और धनसुरा में 66 मिमी पानी बरसा है, जबकि साठंबा, बायड और मोडासा में भी मध्यम दर्जे की बारिश का दौर लगातार जारी रहा। इस धमाकेदार मानसूनी बल्लेबाजी से पिछले कई दिनों से पड़ रही असह्य गर्मी और उमस (Humidity) से आम जनता को बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में पानी आने से स्थानीय धरतीपुत्रों और किसानों में भारी खुशी की लहर दौड़ गई है।
मौसम विभाग की इस सक्रिय वेदर सिस्टम (Weather System) का असर अन्य पड़ोसी जिलों में भी व्यापक रूप से देखने को मिला है, जहां खेड़ा जिले के गलतेश्वर में 57 मिमी और कपड़वंज में 55 मिमी तक मेघ मेहरबान हुए हैं, जबकि नडियाद, महुधा और कठलाल में भी दिनभर फुहारें पड़ती रहीं। उत्तर गुजरात के मेहसाना जिले के सतलासला तालुका में 73 मिमी और खेरालू में 20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अतिरिक्त, वडोदरा के देसर में 53 मिमी, पंचमहाल के घोघंबा में 52 मिमी और जांबूघोड़ा में 51 मिमी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जबकि गोधरा और हालोल के कस्बों में भी तेज रफ्तार बौछारें गिरी हैं। छोटाउदईपुर के कड़वाल में 49 मिमी पानी गिरा है और दाहोद के देवगढ़बारिया व धानपुर में भी धीमी धार से लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण वातावरण में ठंडक घुल गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले रास्तों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत (Advisory) जारी की है।

