सीबीएसई की बड़ी राहत: कक्षा 7 से 10 के स्टूडेंट्स को थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से मिली अस्थायी छूट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) ने त्रिभाषा फॉर्मूले (Three-Language Formula) को लेकर देश भर के लाखों विद्यार्थियों के हित में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्तमान शैक्षणिक सत्र में सीबीएसई संबद्ध स्कूलों की कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की नई भाषा नीति अभी लागू नहीं की जाएगी। इस बड़े निर्णय के तहत कक्षा 10 के छात्र पूर्व की भांति दो विदेशी भाषाओं (Foreign Languages) के संयोजन के साथ अपनी बोर्ड परीक्षा (Board Exam) दे सकेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने सीबीएसई के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले से ही अपनी पढ़ाई के लिए दो विदेशी भाषाओं को चुना है, वे बिना किसी प्रशासनिक व्यवधान के कक्षा 10 तक उसी पुरानी व्यवस्था के तहत अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों दोनों को एक बड़ी मानसिक राहत मिली है।
सीबीएसई ने स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रस्तावित नया भाषाई नियम, जिसमें कम से कम दो मूल भारतीय भाषाओं (Indian Languages) का अध्ययन करना पूरी तरह अनिवार्य बनाया गया है, वह तात्कालिक रूप से केवल कक्षा 6 में नया प्रवेश लेने वाले छात्रों पर ही लागू किया जाएगा। जैसे-जैसे कक्षा 6 के ये विद्यार्थी आगामी वर्षों में आगे की कक्षाओं (यानी सातवीं, आठवीं और नौवीं) में प्रमोट होंगे, वैसे-वैसे यह नया नियम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ता जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान में उच्च कक्षाओं में पढ़ रहे छात्रों के लिए भाषा चयन और परीक्षाओं के पुराने नियम और विकल्प (Options) पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस क्रमिक बदलाव से स्कूली शिक्षा व्यवस्था (Education System) पर अचानक कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के अपने पुराने सिलेबस और पसंदीदा विषयों के साथ अपनी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी सुचारू रूप से कर सकेंगे।

