गिरनार पर्वत पर नई सुरक्षा व्यवस्था: तीर्थयात्रियों के लिए ‘इन-आउूट’ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू
जूनागढ़ के ऐतिहासिक गिरनार पर्वत पर प्रशासन द्वारा आज (18 जुलाई) से ‘इन-आउट’ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) प्रणाली को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया जा रहा है। हाल ही में गिरनार की सीढ़ियों पर एक किशोर को शेर द्वारा शिकार बनाए जाने की दुखद घटना के बाद, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह बड़ा निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त परामर्श के बाद एक विशेष वेबसाइट (Website) विकसित की है, जिसका निर्माण जिला एनआईसी (NIC) टीम के विशेषज्ञों द्वारा किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए गिरनार की नई सीढ़ियों के पास क्यूआर कोड (QR Code) दर्शाने वाली स्टैंडी भी लगाई जाएगी। जो यात्री स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करते हैं, उनके लिए मौके पर ही ऑफलाइन नाम दर्ज कराने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि किसी को परेशानी न हो।
इस नई प्रणाली के अंतर्गत गिरनार पर्वत पर जाने और वहां से सुरक्षित वापस लौटने, दोनों ही समय एंट्री कराना अनिवार्य बनाया गया है। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर ग्रुप लीडर का नाम, मोबाइल नंबर, जेंडर (Gender), उम्र और राज्य जैसी बुनियादी जानकारियां भरनी होंगी और साथ ही पहचान पत्र व फोटो भी अपलोड करना होगा। इसके अलावा, यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को अपना मूल पहचान पत्र (Identity Card) साथ रखना अनिवार्य होगा। हालांकि, प्रशासन के इस कदम को लेकर स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं; कुछ लोगों का मानना है कि जंगली जानवरों के खतरे से निपटने के लिए केवल डिजिटल डेटा जुटाना नाकाफी है और यह निर्णय ‘दर्द एक और दवा दूसरी’ जैसा साबित हो सकता है।

