कनाडा जाने वाले भारतीयों को बड़ा झटका: पैरेंट्स एंड ग्रैंडपैरेंट्स प्रोग्राम के तहत नए आवेदनों पर लगी रोक
कनाडा में स्थायी रूप से बस चुके भारतीयों सहित लाखों परमानेंट रेजिडेंट्स (PR Holders) और वहां के नागरिकों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने फैमिली स्पॉन्सरशिप (Family Sponsorship) के तहत चलने वाले अपने सबसे लोकप्रिय ‘पेरेंट्स एंड ग्रैंडपेरेंट्स प्रोग्राम’ (PGP) में नए आवेदन फॉर्म स्वीकार करने की प्रक्रिया पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अब आगामी आदेश तक नए ‘इंटरेस्ट टू स्पॉन्सर’ (Interest to Sponsor) फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस योजना के तहत हमेशा उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदनों की संख्या कई गुना अधिक रहती है। सरकार को साल 2020 में रिकॉर्ड 2,03,213 आवेदन मिले थे और तब से हर साल उन्हीं पुराने आवेदनों में से रैंडमली यानी लॉटरी सिस्टम (Lottery System) के जरिए उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा था। वर्तमान में भी इस प्रोग्राम के तहत करीब 50,900 आवेदन बैकलॉग में हैं, जिन्हें तेजी से निपटाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों ने पहले ही अपनी फाइलें सफलतापूर्वक सबमिट (Submit) कर दी हैं, उनके आवेदनों की प्रोसेसिंग (Processing) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और उनका काम सामान्य रूप से चलता रहेगा। कनाडा सरकार ने वर्ष 2026 में इस विशेष प्रोग्राम के माध्यम से 15,000 लोगों को स्थायी निवास (Permanent Residency) देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नए आवेदनों को रोकने के इस कड़े फैसले के पीछे देश में वर्तमान में चल रहा गंभीर हाउसिंग संकट (Housing Crisis) और सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ता अत्यधिक दबाव प्रमुख कारण माना जा रहा है। कनाडा सरकार पिछले कुछ समय से देश में आने वाले प्रवासियों की कुल संख्या को नियंत्रित करने के लिए लगातार अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी (Immigration Policy) को सख्त कर रही है और इस कार्यक्रम पर लगाई गई यह नई पाबंदी भी इसी सोची-समझी रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

