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अहमदाबाद में हर 5 मिनट में दर्ज हो रहा हिंसक विवाद, 112 हेल्पलाइन के आंकड़ों से बड़ा खुलासा

गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद की शांत और सुरक्षित शहर होने की वर्षों पुरानी छवि अब सरकारी इमरजेंसी लॉग के नए आंकड़ों के सामने कमजोर पड़ती दिख रही है। सख्त नशाबंदी और कम अपराध दर के दावों के बीच 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन (112 Emergency Helpline) के 334 दिनों के पुलिस लॉग डेटा ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। अगस्त 2025 के अंत से जुलाई 2026 तक दर्ज कुल 2,10,593 इमरजेंसी कॉल्स में से 1,00,081 कॉल्स केवल शारीरिक हाथापाई, सार्वजनिक झगड़ों और हिंसक हमलों (Physical Attacks) से संबंधित थीं। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि शहर में औसतन हर 4.8 मिनट में हिंसा से जुड़ा एक कॉल पुलिस कंट्रोल रूम को प्राप्त हो रहा है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि अहमदाबाद में हर घंटे औसतन 12 से 13 हिंसक झड़पें दर्ज हो रही हैं, जो किसी भी बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यह अब केवल कुछ छिटपुट घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि पुलिस इमरजेंसी रिस्पॉन्स (Police Emergency Response) के कुल मामलों का लगभग आधा हिस्सा बन चुकी हैं। इस वजह से शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों के बीट कांस्टेबलों का एक बड़ा समय अन्य प्रशासनिक या नागरिक शिकायतों को सुलझाने के बजाय सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली उग्र माथाकूट और हिंसक झड़पों को शांत कराने में बीत रहा है।

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