वास्तु अनुसार घर के रंगों का सही चयन: खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा की कुंजी
वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर की दीवारों के रंगों को केवल सजावट तक सीमित न मानकर, घर के माहौल और ऊर्जा संतुलन (Energy balance) से जोड़कर देखा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अलग-अलग कमरों की दिशा और उनके उपयोग को ध्यान में रखकर ही रंगों का चयन करना चाहिए। रसोई घर का संबंध अग्नि तत्व से होने के कारण वहां जल तत्व के प्रतीक नीले रंग से बचना चाहिए; इसके बजाय टेराकोटा या हल्का पीच (Peach color) सही विकल्प है। इसी तरह उत्तर दिशा में जल तत्व की प्रधानता के कारण लाल और पीले जैसे गर्म रंगों से परहेज कर हल्का हरा, क्रीम या बेज रंग इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
विश्राम और मानसिक शांति के लिए बेडरूम (Bedroom environment) में काले रंग और अत्यधिक चमकीले नियॉन कलर्स (Neon colors) का प्रयोग तनाव पैदा कर सकता है, इसलिए वहां क्रीम, हल्का भूरा या हल्का पीला रंग उपयुक्त रहता है। ध्यान और प्रार्थना के स्थान यानी पूजा घर (Prayer room) के लिए उत्तर-पूर्व दिशा (Ene corner) सबसे पवित्र मानी जाती है, जहां सफेद, हल्का नीला या मिंट ग्रीन जैसे शांत रंग आध्यात्मिक ऊर्जा (Spiritual energy) का संचार करते हैं। दीवारों पर एक साथ कई चटक रंगों के स्थान पर संतुलित और हल्के रंगों का चुनाव घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनाए रखता है।

