अहमदाबाद में 2.22 लाख स्ट्रीटलाइट पोल के ₹400 करोड़ के टेंडर पर विवाद, 100 करोड़ के घोटाले का आरोप
अहमदाबाद शहर में लगभग 2.22 लाख स्ट्रीटलाइट पोल के पांच साल के संचालन और रखरखाव (Operation and maintenance) के लिए जारी किए गए ₹400 करोड़ के टेंडर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षद नीरव बक्षी ने इस पूरी टेंडर प्रक्रिया में कम से कम ₹100 करोड़ के घोटाले की आशंका जताई है। उनके आरोपों के अनुसार, किसी पसंदीदा ठेकेदार (Specific agency) को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर की शर्तों (Tender conditions) में बार-बार बदलाव किए गए हैं। यह टेंडर छठी बार जारी किया गया है, जिससे नगर निगम (Municipal corporation) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक तरफ जहां अहमदाबाद को स्मार्ट सिटी (Smart city) कहा जाता है, वहीं दूसरी तरफ शहर की 70 से 80 प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से अंधेरा छाया हुआ है और आम नागरिकों को स्ट्रीटलाइट्स (Streetlight poles) की खराबी के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि बाजार में उपलब्ध आधुनिक तकनीक (Modern technology) वाली कंपनियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखने के लिए शर्तें जानबूझकर कठिन बनाई गई हैं। इस वजह से जनहित और वित्तीय पारदर्शिता (Financial transparency) को ध्यान में रखते हुए इस टेंडर प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई गई है।

