दुनिया भर पर मंडराया ‘सुपर अल नीनो’ का खतरा, अत्यधिक गर्मी से लाखों लोगों की जान पर संकट
विश्वभर में ‘सुपर अल नीनो’ (Super El Nino) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जो वैश्विक स्तर पर गंभीर आपदा साबित हो सकता है। ‘क्लाइमेट इंपैक्ट लैब’ (Climate Impact Lab) द्वारा जारी नए डेटा के अनुसार, प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में तापमान में असाधारण वृद्धि के कारण गर्मी से होने वाली मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है, जिसमें भारत भी सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है। ‘अल नीनो हीट मोर्टालिटी ट्रकर’ के मुताबिक, अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच अत्यधिक गर्मी के कारण 3,73,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा सकते हैं, जिसका एक तिहाई हिस्सा अकेले नाइजीरिया, भारत और ब्राजील जैसे देशों में दर्ज होने की आशंका है।
पूर्वी-मध्य प्रशांत महासागर के ‘नीनो 3.4’ क्षेत्र (Nino 3.4 region) में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ गया है, जिससे वैश्विक मौसम चक्र में भयंकर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार नाइजीरिया में 56,000 और भारत (India) में 55,200 से अधिक लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इस प्राकृतिक आपदा (Natural disaster) के कारण इंडोनेशिया के जंगलों में भीषण आग, मध्य अमेरिका में सूखा और भारत में महत्वपूर्ण मानसूनी बारिश की कमी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर पुख्ता तैयारियों की आवश्यकता है।

