PM Ujjwala Scheme: गैस सिलेंडर के दाम ₹1,000 के करीब पहुंचे, गरीब और मध्यम वर्ग फिर पारंपरिक ईंधन की ओर लौटा
गरीब परिवारों की महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PM Ujjwala Scheme) के क्रियान्वयन पर महंगाई की वजह से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुजरात में एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) की कीमत ₹1,000 के करीब पहुंचने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए रीफिल कराना बेहद कठिन हो गया है। केंद्र सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान गुजरात में लगभग 2.89 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों ने एक बार भी गैस सिलेंडर रिफिल (Gas cylinder refill) नहीं कराया। मुफ्त में मिला गैस कनेक्शन अब कई घरों के कोनों में केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है, जिससे योजना का जमीनी उपयोग बेहद निराशाजनक नजर आ रहा है।
रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और सरकार द्वारा दी जाने वाली मामूली सब्सिडी (Subsidy) के कारण गरीब परिवारों के रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। आर्थिक तंगी से मजबूर होकर ग्रामीण और श्रमजीवी परिवार एक बार फिर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले लकड़ी, कोयले और पारंपरिक ईंधन (Traditional fuel) की ओर लौटने लगे हैं। इसके अलावा कुछ मध्यम वर्गीय परिवार अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन (Electric induction) जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं। योजना का लक्ष्य कागजों पर भले ही पूरा दिख रहा हो, लेकिन जब तक आवश्यक वस्तुओं और रसोई गैस की दरें आम आदमी की पहुंच में नहीं आतीं, तब तक जमीनी हकीकत बदलना मुश्किल है।

