गांधीनगर की पोक्सो कोर्ट का अहम फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की जेल
गांधीनगर: गांधीनगर की विशेष पोक्सो (POCSO) कोर्ट ने एक साल पहले नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला समाज में बढ़ते यौन अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है। यह मामला तब सामने आया जब बनासकांठा के लालपुर गांव के रहने वाले प्रहलादजी देवरामजी मोरवाडिया ने माणसा पुलिस स्टेशन के राजपुर गांव की एक नाबालिग लड़की को प्रेमजाल में फंसाया। 15 जुलाई 2024 को वह लड़की को बहला-फुसलाकर बनासकांठा ले गया, जहां उसने कई बार खेत में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के पिता की शिकायत के बाद, माणसा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गांधीनगर की विशेष पोक्सो कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे.एन. ठक्कर की अदालत में यह मामला चला। सरकारी वकील सुनील एस. पंड्या ने मामले की पैरवी करते हुए पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान लिए। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ गंभीर अपराध किया है, और समाज में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी प्रहलादजी देवरामजी मोरवाडिया को दुष्कर्म और पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत 20 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया गया है, और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को ₹4 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।