ahemdabadગુજરાત

गुजरात में जल संकट: 57% घरों को नहीं मिल रहा शुद्ध पानी, वाटर क्वालिटी इंडेक्स में पिछड़ा राज्य

गुजरात में ‘नल से जल’ योजना के बड़े-बड़े दावों के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट (Assessment Report) ने कड़वी सच्चाई उजागर की है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के मात्र 43 प्रतिशत घरों में ही नलों के जरिए पीने योग्य शुद्ध पानी पहुँच पा रहा है, जिसका अर्थ है कि 57 प्रतिशत आबादी अभी भी साफ पानी से वंचित है। वाटर क्वालिटी इंडेक्स (Water Quality Index) में गुजरात पूरे देश में 30वें स्थान पर रहा है, जो राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गांधीनगर और अहमदाबाद जैसे विकसित शहरों में भी स्थिति चिंताजनक है, जहाँ क्रमशः मात्र 31.9% और 46.1% घरों में ही शुद्ध पेयजल की आपूर्ति (Water Supply) हो पा रही है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मापदंडों (Parameters) जैसे बीओडी और कोलिफॉर्म बैक्टीरिया के आधार पर गुजरात का स्कोर अन्य पिछड़े राज्यों की तुलना में भी कम रहा है। बनासकांठा और दाहोद जैसे जिलों में तो स्थिति और भी भयावह है, जहाँ एक भी घर में नल के जरिए पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा है। दूषित पानी के सेवन के कारण राजधानी गांधीनगर में टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) का प्रकोप बढ़ गया है। राज्य के 33 में से 19 जिलों में 50 प्रतिशत से भी कम घरों तक शुद्ध पानी पहुँच रहा है। प्रशासन की इस विफलता (Failure) ने न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है, बल्कि सरकारी दावों की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।

ads image

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *