“पीएम मोदी कभी समझौता नहीं करेंगे”: राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी का करारा पलटवार
मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और आर्थिक चुनौतियों के बीच भारतीय संसद का बजट सत्र (Budget Session) अत्यंत हंगामेदार साबित हो रहा है। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद आमने-सामने आ गए। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप (Allegation) लगाते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जाता है और उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ (Compromised) करार दिया। इस बयान पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए ऊंचे स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत कभी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने विपक्ष पर बुनियादी समझ की कमी का आरोप लगाते हुए आपातकाल के काले दिनों की याद दिलाई और कहा कि स्पीकर का पद गरिमामय (Dignified) होता है, जिसे राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। आज इस प्रस्ताव पर गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन के बाद वोटिंग (Voting) होने की संभावना है।
संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा में भी सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर बहस तेज रही। कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने रूस में चार भारतीय छात्रों पर हुए जानलेवा हमले का मुद्दा उठाते हुए विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने मिडल ईस्ट युद्ध के कारण खाड़ी देशों में फंसे गुजरातियों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि एयरलाइंस कंपनियां इस संकट का फायदा उठाकर टिकटों के दाम कई गुना वसूल रही हैं। उन्होंने सरकार से इस ‘लूट’ को रोकने और संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी (Evacuation) सुनिश्चित करने की मांग की। संसद के दोनों सदनों में चल रही यह बहस स्पष्ट करती है कि सरकार के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (Diplomacy) और घरेलू जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना इस समय सबसे बड़ी चुनौती (Challenge) है।

