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शेयर बाजार में हाहाकार: ‘स्ट्रे‍ट ऑफ होर्मुज’ में जहाज पर हमले से कच्चे तेल में 9% का उबाल, सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटा

मिडल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और ओ‍इल-गैस संकट (Oil-Gas Crisis) ने भारतीय शेयर बाजार में आज हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही बाजार ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। दरअसल, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा गुजरात की ओर आ रहे एक जहाज पर हमला करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 9% का जबरदस्त उछाल आया है। इस वैश्विक तनाव (Global Tension) और भारत में गहराते एलपीजी संकट (LPG Crisis) की सीधी मार शेयर बाजार पर पड़ी, जिससे बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पिछले बंद के मुकाबले करीब 978 अंक टूटकर 75,871 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में मची इस भगदड़ से कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी (NIFTY) भी इस संकट से नहीं बच सका और 23,866 के स्तर से गिरकर 23,556 के निचले स्तर पर आ गया। बाजार खुलते ही लगभग 1,597 कंपनियों के शेयर लाल निशान (Red Zone) में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल चुनिंदा शेयरों में ही मामूली बढ़त देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सबसे ज्यादा असर एविएशन और ऑटो सेक्टर (Auto Sector) के शेयरों पर पड़ा है, क्योंकि ईंधन महंगा होने से इनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों (Negative Signals) और गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में 180 अंकों की गिरावट ने आग में घी डालने का काम किया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक दलाल स्ट्रीट पर अनिश्चितता का यह माहौल बरकरार रह सकता है।

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