ईरान का ‘शांति प्रस्ताव’: युद्ध खत्म करने के लिए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रखी 3 बड़ी शर्तें, हर्जाने और सुरक्षा गारंटी की मांग
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा विनाशकारी युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ (Decisive Turn) पर पहुंच गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे इसके बुरे प्रभावों के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पहली बार युद्ध विराम के लिए अपना ‘रोडमैप’ (Roadmap) दुनिया के सामने रखा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बयान जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मांगों को स्वीकार करना होगा। ईरान की मुख्य शर्तों में उसके कानूनी अधिकारों की मान्यता, युद्ध के दौरान हुए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के नुकसान की आर्थिक भरपाई और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी (International Guarantee) शामिल है।
ईरानी राष्ट्रपति ने इस तनाव के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि “जायोनी शासन और अमेरिका ने यह लड़ाई शुरू की है, जिसे अब उन्हें ही खत्म करना होगा।” राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने युद्ध विराम की इन शर्तों को लेकर रूस और पाकिस्तान के नेताओं के साथ गहन परामर्श (Consultation) किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन वह अपने स्वाभिमान और सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगा। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया (Response) पर टिकी हैं कि क्या वे ईरान की इन शर्तों को स्वीकार कर वैश्विक तेल और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

