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खाद आपूर्ति और आयात में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी पर आधारित रिपोर्ट हिंदी में नीचे दी गई है: देश में खाद का रिकॉर्ड स्टॉक: डीएपी (DAP) और यूरिया के आयात में 63% की भारी वृद्धि

मौजूदा वित्तीय वर्ष (Financial Year) के दौरान अप्रैल से जनवरी के बीच देश में खाद के प्रमुख पोषक तत्वों, डीएपी (DAP) और यूरिया के आयात में 63 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। फर्टिलाइजर मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की इसी अवधि के 91.7 लाख टन के मुकाबले इस बार कुल 1.49 करोड़ टन खाद का आयात (Import) किया गया है। विशेष रूप से यूरिया के आयात में 83.3 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, जो बढ़कर 89.3 लाख टन के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन (Supply Chain) के प्रभावित होने का डर बना हुआ है, लेकिन सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और समय पर आपूर्ति (Supply) सुनिश्चित की जाएगी।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान देश में नैनो यूरिया (Nano Urea) और नैनो डीएपी की भी करोड़ों बोतलों की बिक्री हुई है, जो आधुनिक खेती की ओर बढ़ते कदम को दर्शाती है। यूरिया की कीमतों को लेकर सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव (Proposal) नहीं है और यह पुरानी सब्सिडी वाली दरों पर ही मिलता रहेगा। वर्तमान में यूरिया का उत्पादन भी स्थिर बना हुआ है और मांग और उत्पादन के बीच के अंतर को आयात के जरिए पूरा किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से आगामी खेती के सीजन (Season) में किसानों को खाद की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा। फर्टिलाइजर सब्सिडी (Subsidy) के माध्यम से किसानों को ₹242 प्रति बैग की रियायती दर पर यूरिया की उपलब्धता जारी रहेगी।

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