एयर इंडिया AI-171 हादसा: एक साल बाद भी न्याय का इंतजार, ब्रिटिश एजेंसी ने जांच से हाथ खींचे
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 की त्रासदी को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी सच्चाई और न्याय (Justice) के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) ने स्पष्ट कर दिया कि उनके पास इस मामले की तकनीकी समीक्षा (Technical Review) करने की कोई शक्ति नहीं है। ब्रिटिश एजेंसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत भारत की जांच एजेंसी ही इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व कर रही है और यूके केवल एक विशेषज्ञ के रूप में तथ्यों तक पहुंच सकता है। इस खुलासे ने उन ब्रिटिश नागरिकों के परिवारों को निराश कर दिया है जिन्होंने जांच में पारदर्शिता (Transparency) की उम्मीद में अपनी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी।
दूसरी ओर, अहमदाबाद में रह रहे प्रभावित परिवारों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर विमान के ब्लैक बॉक्स (Black Box) का डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच की गति बेहद धीमी है और हादसे के स्पष्ट कारणों का अब तक पता न चलना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पिछले साल 12 जून को हुए इस भयानक हादसे में 53 ब्रिटिश नागरिकों सहित कुल 279 लोगों की मृत्यु हुई थी। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट में इंजन में ईंधन की आपूर्ति (Fuel Supply) बाधित होने की बात सामने आई थी, लेकिन अमेरिकी जांच एजेंसी NTSB और बॉइंग (Boeing) कंपनी के सहयोग के बावजूद अंतिम रिपोर्ट का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है।

