शांति की गुहार: खून से सने स्कूल बैग लेकर इस्लामाबाद पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, 168 मासूमों की याद में ‘मीनाब 168’ मिशन शुरू
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने और शांति स्थापित करने के लिए इस्लामाबाद में एक ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है। इस वार्ता (Negotiation) के लिए ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा है, जिसका संदेश बेहद भावुक (Emotional) और मार्मिक है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान में उन मासूम बच्चों की तस्वीरें, सफेद फूल और खून से सने स्कूल बैग रखे गए हैं, जिन्होंने युद्ध की विभीषिका में अपनी जान गंवाई। इस दल को ‘मीनाब 168’ (Minab 168) नाम दिया गया है, जो उन 168 स्कूली बच्चों की याद दिलाता है जो युद्ध के शुरुआती दिनों में हुए हमलों का शिकार हुए थे। गालिबाफ ने इन तस्वीरों को साझा कर दुनिया को युद्ध की मानवीय कीमत (Human Cost) का एहसास कराया है, विशेषकर दक्षिण ईरान के मीनाब शहर में हुई उस घटना का, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
इस्लामाबाद पहुंचने पर ईरानी टीम का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने किया। आज की इस महत्वपूर्ण मुलाकात में ईरान के 10 बिंदुओं वाले युद्धविराम प्रस्ताव (Ceasefire Proposal) पर चर्चा की जाएगी। ईरानी पक्ष का मानना है कि इन मासूमों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए और वार्ता का मुख्य उद्देश्य इस भीषण युद्ध को समाप्त करना है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International Community) की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि ‘मीनाब 168’ का यह भावुक कदम कूटनीतिक दबाव के साथ-साथ शांति के लिए एक मजबूत अपील के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो इसे क्षेत्र में स्थिरता (Stability) लाने और भविष्य में निर्दोषों की जान बचाने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जाएगा।

