साइबर हमलों पर डिजिटल स्ट्राइक: भारत सरकार विकसित कर रही है ‘पेटाबाइट’ क्षमता वाला सुरक्षा कवच, हैकर्स की अब खैर नहीं
भारत सरकार अपने डिजिटल इकोसिस्टम को स्टेट-स्पॉन्सर्ड (State-sponsored) साइबर हमलों से बचाने के लिए एक अत्याधुनिक ‘साइबर इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर’ विकसित करने की योजना बना रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सरकारी नेटवर्कों पर होने वाले खतरों की समय रहते पहचान करना और उनका तेजी से निवारण करना है। इस सिस्टम को तैयार करने के लिए सरकार ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर सिस्टम इंटीग्रेटर्स (System Integrators) की तलाश शुरू कर दी है। यह पूरा ढांचा ‘पेटाबाइट लॉग एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म’ पर आधारित होगा, जो सरकारी सिस्टम द्वारा उत्पन्न होने वाले विशाल डेटा का गहन विश्लेषण करेगा। एक पेटाबाइट का अर्थ दस लाख गीगाबाइट होता है, जो इसकी डेटा प्रोसेसिंग क्षमता (Data Processing Capacity) को दर्शाता है।
सरकार की इस नई रक्षा प्रणाली के तहत विभिन्न सुरक्षा उपकरणों जैसे SIEM, SOAR और UEBA को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा, जिससे साइबर हमलों का ‘360-डिग्री व्यू’ (360-degree View) प्राप्त हो सकेगा। यह प्लेटफॉर्म न केवल खतरों की तलाश करेगा, बल्कि सरकारी नेटवर्क के प्रदर्शन और स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी (Monitoring) भी करेगा। इस आर्किटेक्चर के लागू होने से साइबर हमलों की पहचान करने और उनके प्रभाव को नियंत्रित करने की गति कई गुना बढ़ जाएगी। यह कदम भारत की डिजिटल संप्रभुता और महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इसमें नेटवर्क डिटेक्शन एंड रिस्पांस (Network Detection and Response) जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल हैं जो घुसपैठियों को घुसते ही दबोचने की क्षमता रखते हैं।

