ट्रंप सरकार का बड़ा यू-टर्न: रूसी तेल पर प्रतिबंधों में फिर मिली ढील, 16 मई तक बढ़ाई गई छूट
वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती कीमतों और ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए रूसी तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट (Temporary Relief) दे दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ताजा नोटिफिकेशन (Notification) के अनुसार, अब विभिन्न देश 16 मई, 2026 तक रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद जारी रख सकेंगे। गौरतलब है कि महज दो दिन पहले ही अमेरिका ने इस छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के दबाव में उसे अपना रुख बदलना पड़ा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में उपजे तनाव के कारण बाधित हो रही वैश्विक तेल आपूर्ति को संतुलित करना है, ताकि अमेरिका सहित दुनिया भर में ईंधन की कीमतें और महंगाई बेकाबू न हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज मार्ग पर ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष की वजह से दुनिया के 20% तेल और गैस की सप्लाई लाइन पर जोखिम खड़ा हो गया था, जिससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। इस संकट से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने रूस के प्रति नरमी दिखाई है ताकि बाजार में पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) बनी रहे। रूस के अनुमान के मुताबिक, इस छूट से प्रतिदिन लगभग 100 मिलियन बैरल तेल बाजार में आएगा, जिससे वैश्विक मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। यह नया आदेश समुद्र में लोड किए गए रूसी तेल के उन खेपों को भी सुरक्षा प्रदान करेगा, जो पहले प्रतिबंधों (Sanctions) की जद में आने वाले थे। अमेरिका का यह कदम दर्शाता है कि वर्तमान भू-राजनीतिक अस्थिरता में आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना उसकी पहली प्राथमिकता बन गई है।

