રાષ્ટ્રીય

दिल्ली में राजनीतिक हलचल: विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी करेंगे हाई-लेवल बैठक, सभी मंत्रियों को दिल्ली में रहने का आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश प्रवास (G7 शिखर सम्मेलन) से भारत वापस लौटते ही एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-लेवल (High-level) बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। इस बैठक में कैबिनेट स्तर के सभी वरिष्ठ मंत्रियों से लेकर सभी राज्यमंत्रियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल होने का कड़ा निर्देश दिया गया है। अचानक सभी मंत्रियों को आगामी दिनों में दिल्ली से बाहर न जाने और राजधानी में ही मौजूद रहने का आदेश मिलने से देश के राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस (Suspense) और उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। वैश्विक और आंतरिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बैठक में देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलुओं पर सभी मंत्रियों के समक्ष विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।

इस महाबैठक का सबसे बड़ा एजेंडा (Agenda) अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य का गहराता संकट है। सरकार लगातार इस बात का आकलन कर रही है कि पश्चिम एशिया के इस युद्ध जैसे हालात का भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और घरेलू मुद्रास्फीति पर क्या असर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक हाई-पावर ग्रुप (High-power Group) का गठन किया गया है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं, जो 24 घंटे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, रक्षा मंत्री ने देशवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि भारत में कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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