10 दिनों में ईंधन के दामों की ‘हैट्रिक’, शनिवार को फिर महंगे हुए पेट्रोल-डीजल
मिडिल-ईस्ट में जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव (International Tension) का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है, जिसके चलते घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल के दामों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा (Increase) किया गया है। आम जनता के लिए चिंता की बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिसके साथ ही अकेले मई महीने में पेट्रोल-डीजल करीब ₹5 तक महंगे हो चुके हैं। इस नए उछाल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹98.64 से बढ़कर ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹91.58 से बढ़कर ₹92.49 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है।
देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति (Supply) को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न अटकालों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान (Official Statement) में जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश भर में पेट्रोल और डीजल की प्रचुर उपलब्धता है और हमारी आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से स्थिर (Stable) है। सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें तथा पैनिक बाइंग (Panic Buying) यानी घबराहट में अत्यधिक खरीदारी करने से बचें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा रिफाइनरियों और वितरण केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा रहा है, ताकि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर दिख रही अस्थायी भीड़ को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके।

