गुजरात में तपने के बाद अब बरसेंगे बादल, तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव
गुजरात में भीषण और तपती गर्मी का सामना कर रहे नागरिकों के लिए मौसम विभाग (Weather Department) की ओर से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक तापमान यथावत रहने के बाद राज्य के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस (Celsius) की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में होने वाली इस कमी के कारण लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही असहज करने वाली उमस और भीषण हीटवेव (Heatwave) से आंशिक मुक्ति मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मई महीने के अंतिम दिनों में राज्य के वायुमंडल में एक नई मौसमी प्रणाली सक्रिय होगी, जिससे तीव्र गति की हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, जो गर्मियों की विदाई और मानसून के आगमन का स्पष्ट संकेत हैं।
इस वेदर सिस्टम (Weather System) के प्रभाव के चलते आगामी 30 मई से 1 जून के बीच गुजरात के विभिन्न हिस्सों में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 मई को उत्तर और पूर्वी गुजरात के साबरकांठा, अरावली और महीसागर जिलों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि 31 मई को इस सूची में दाहोद और पंचमहल जिले भी शामिल हो जाएंगे। यह मानसूनी हलचल 1 जून 2026 को और अधिक व्यापक रूप ले लेगी, जिसके तहत बनासकांठा, छोटा उदयपुर सहित सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जैसे कुल नौ जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव से पहले अगले सात दिनों तक राज्य में कोई विशेष चेतावनी (Warning) प्रभावी नहीं रहेगी, जिससे किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।

