एयर इंडिया और इंडिगो 1 जून से घटाएंगी डोमेस्टिक फ्लाइट्स की संख्या
यदि आप आगामी दिनों में हवाई यात्रा (Air Travel) करने की योजना बना रहे हैं, तो देश की दो सबसे बड़ी विमानन कंपनियों की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo) ने अपने घरेलू परिचालन में भारी कटौती करने का एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी 1 जून 2026 से अगले 90 दिनों की अवधि तक दोनों प्रमुख कंपनियां कई घरेलू रूट्स (Domestic Routes) पर अपनी उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय कमी करेंगी। हालांकि, कंपनियों ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हवाई मार्ग को स्थायी रूप से बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि केवल उड़ानों की आवृत्ति यानी फ्रीक्वेंसी (Frequency) को कम किया जा रहा है। यात्रियों को अंतिम समय में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रभावित उड़ानों को बुकिंग वेबसाइट्स (Websites) और ट्रैवल पोर्टल्स से पहले ही हटा दिया गया है।
विमानन कंपनियों द्वारा अचानक लिए गए इस रणनीतिक फैसले के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पहला सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार और विशेष रूप से पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी सैन्य तनाव के चलते विमानन ईंधन यानी एटीएफ (ATF) की कीमतों में लगी भीषण आग है, जिसके कारण कई शहरों में इसकी कीमत 80,000 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 1 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। दूसरा कारण गर्मियों की छुट्टियां (Summer Vacation) समाप्त होने के बाद हवाई यात्रियों की संख्या में आने वाली प्राकृतिक गिरावट है, जिससे उड़ानों का संचालन आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया था। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की इस भारी लागत और घटती मांग के कारण एयरलाइंस को अपना बिजनेस मॉडल (Business Model) संतुलित करने के लिए उड़ानों की रि-शेड्यूलिंग का सहारा लेना पड़ा है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ व्यस्त मार्गों पर हवाई किराए में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

