त्योहारों से पहले चीनी की जमाखोरी पर नकेल: सरकार ने कड़े किए स्टॉक लिमिट के नियम
भारत में आगामी गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान चीनी की मांग में होने वाले बड़े उछाल को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता (Availability) बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से सरकार ने चीनी स्टॉक के नियमों को और कड़ा कर दिया है। नए नियमों के तहत प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का व्यापार या उपयोग करने वाले डीलरों के लिए स्टॉक रखने की समय सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी गई है। यह नया आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। सरकार का मुख्य मकसद त्योहारों के सीजन में जमाखोरी (Hoarding) और बिचौलियों द्वारा कृत्रिम किल्लत पैदा करके दाम बढ़ाने की कोशिशों पर पूरी तरह से रोक लगाना है।
उद्योग संगठन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में चीनी की एक्स-मिल और रिटेल मार्केट (Retail Market) कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जहां खुदरा बाजार में चीनी के दाम लगभग 13 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले चीनी के नए सीजन में शुरुआती स्टॉक कम रहने का अनुमान है, क्योंकि स्थानीय मांग लगभग 50 लाख टन के मुकाबले शुरुआती उपलब्धता केवल 40 से 42 लाख टन रहने की संभावना है। इसके अलावा, कई प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में कम बारिश और सूखे मौसम के कारण गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्टॉक लिमिट (Stock Limit) घटाने का निर्णय लिया है ताकि आम जनता को त्योहारों के दौरान सस्ती दरों पर चीनी मिलती रहे।

