રાષ્ટ્રીય

बीजेपी के नए युग का आगाज़: नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय, आडवाणी-जोशी पहली बार नहीं दे पाएंगे वोट

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 45 साल के गौरवशाली इतिहास में 20 जनवरी, 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष (Working President) नितिन नवीन का आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन, दिग्गज नेता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं और उनकी पहचान एक कुशल रणनीतिकार (Strategist) के रूप में रही है। हालांकि, इस चुनाव की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के मार्गदर्शक और संस्थापक सदस्य लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पहली बार मतदान प्रक्रिया (Voting Process) में भाग नहीं ले पाएंगे।

दिग्गज नेताओं के वोट न दे पाने के पीछे कोई राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि पूर्णतः तकनीकी कारण (Technical Reasons) हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव संपन्न होना अनिवार्य है। चूंकि दिल्ली प्रदेश बीजेपी में अभी मंडल और जिला स्तर के चुनाव लंबित हैं, इसलिए वहां से परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सका है। इसी संवैधानिक पेच (Constitutional Clause) के कारण दिल्ली से सदस्य होने के नाते इन दोनों वरिष्ठ नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। नितिन नवीन का चयन पार्टी में युवाओं को आगे लाने की नई नीति का हिस्सा माना जा रहा है। आरएसएस (RSS) पृष्ठभूमि वाले नवीन ने छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका (Role) निभाई है, जिससे उनका अध्यक्ष बनना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक नया उत्साह लेकर आया है।

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