આંતરરાષ્ટ્રીય

ईरान में युग का अंत: इजरायल-अमेरिका के हवाई हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत, ट्रंप ने की पुष्टि

मिडल ईस्ट (Middle East) के इतिहास में अब तक का सबसे भीषण और निर्णायक मोड़ आ गया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले (Airstrike) के बाद ईरानी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इस हमले में मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य ऑपरेशन (Operation) की सफलता की घोषणा करते हुए इसे ईरानी जनता के लिए स्वतंत्रता का एक बड़ा अवसर बताया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संकेत दिए हैं कि सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस हमले में खामेनेई का पूरा ठिकाना नष्ट कर दिया गया है और मलबे से उनके शव की पहचान की गई है। इस घटना के बाद ईरान में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक (Public Mourning) का ऐलान किया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि इस बड़े झटके के बाद ईरानी सेना और पुलिस में भारी अफरा-तफरी का माहौल है और कई सैन्य अधिकारी अब लड़ने के बजाय माफी (Immunity) की मांग कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरानी सैनिकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि वे अभी आत्मसमर्पण (Surrender) करते हैं तो उन्हें जीवनदान मिल सकता है, अन्यथा उन्हें मौत का सामना करना होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी (Warning) दी है कि ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी अभी पूरा हफ्ता या जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी। ट्रंप का मानना है कि केवल खामेनेई की मौत काफी नहीं है, बल्कि पूरे शासन तंत्र (Regime) को जड़ से उखाड़ फेंकना जरूरी है ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके। इस वैश्विक संकट (Global Crisis) के बीच पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम और वहां होने वाले संभावित तख्तापलट पर टिकी हैं।

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