गांधीनगर जिला पंचायत चुनाव का बिगुल: 28 सीटों का नया रोटेशन जारी, समीकरण बदलने से कई दिग्गज ‘आउट’, नए चेहरों की बढ़ी उम्मीदें
राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) ने गांधीनगर जिला पंचायत की 28 सीटों के लिए नया रोटेशन और सीमांकन (Delimitation) अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नई व्यवस्था के तहत सामान्य महिला के लिए 9, गैर-आरक्षित सामान्य के लिए 8, ओबीसी के लिए 8 (स्त्री और पुरुष मिलाकर), अनुसूचित जाति के लिए 2 और अनुसूचित जनजाति के लिए 1 सीट आवंटित की गई है। इस बदलाव के कारण वर्तमान अध्यक्ष शिल्पाबेन पटेल सहित स्वास्थ्य और शिक्षा समितियों के कई प्रमुख अपनी पुरानी सीटों से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। विशेष रूप से माणसा की इटादरा सीट सामान्य महिला से ओबीसी आरक्षित हो गई है, जबकि सरढव सीट सामान्य से अनुसूचित जाति के खाते में चली गई है। आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति और सुझाव (Suggestions) दर्ज करने के लिए सात दिनों का समय दिया है, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची और चुनाव कार्यक्रम (Election Schedule) घोषित किया जाएगा।
भौगोलिक दृष्टि से भी इस बार जिला पंचायत के ढांचे में बड़े बदलाव देखे गए हैं। कलोल नगर पालिका में सईज और बोरिसणा क्षेत्रों के विलय के बाद इन दो सीटों को जिला पंचायत से हटा दिया गया है, लेकिन सीटों की कुल संख्या 28 ही रहेगी क्योंकि इनके स्थान पर अब ‘छत्राल’ और ‘शेरिसा’ को नई सीटों के रूप में मान्यता दी गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्ताधारी दल की ‘नो-रिपीट थ्योरी’ (No-Repeat Theory) के बीच विपक्ष के नेता और कुछ भाग्यशाली सदस्य अपनी पुरानी सीटों को बरकरार रखने में सफल रहे हैं, जिससे उनकी उम्मीदवारी (Candidacy) फिर से पक्की मानी जा रही है। वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्रों और नई बस्तियों के बढ़ने से हुए जनसंख्या परिवर्तन (Population Change) के आधार पर यह नया सीमांकन तय किया गया है। अब सभी की नजरें अंतिम अधिसूचना और उम्मीदवारों के चयन पर टिकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गहमागहमी तेज हो गई है।

