नीट परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्रा ने की आत्महत्या: एमपी में होनहार आकांक्षी ने तोड़ा दम
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट यूजी 2026 (NEET UG) पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के मामले ने अब एक होनहार छात्रा की जान ले ली है। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मऊगंज के मगरिया गांव में चिकित्सा शिक्षा की तैयारी कर रही एक मेधावी छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। परिजनों के मुताबिक, आकांक्षा को हाल ही में संपन्न हुई इस प्रवेश परीक्षा में 650 से अधिक अंक आने की पूरी उम्मीद थी और वह डॉक्टर बनने के बेहद करीब पहुंच चुकी थी। लेकिन पेपर लीक होने की वजह से पूरी परीक्षा निरस्त किए जाने के सरकारी फैसले के बाद से ही वह भारी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से जूझ रही थी, जिसके चलते उसने यह कठोर कदम उठाया।
आकांक्षा का परिवार गंभीर आर्थिक तंगहाली से गुजर रहा था, फिर भी उसके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने बेटी की पढ़ाई के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए ₹3 लाख का लोन (Loan) लिया था और स्वयं नागपुर के एक होटल में कुक के रूप में काम करने लगे थे ताकि कोचिंग की फीस का खर्च उठा सकें। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित की गई परीक्षा में व्यापक धांधली के बाद इसे 12 मई को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने 21 मई को दोबारा परीक्षा (Re-exam) आयोजित करने की घोषणा की थी। वर्तमान में इस पूरे स्कैम (Scam) की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है और कोर्ट में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल या कंप्यूटर आधारित टेस्ट (Computer Based Test) में बदलने की याचिकाएं भी लंबित हैं, परंतु इस प्रशासनिक विफलता के कारण एक मासूम विद्यार्थी ने अपनी जान गंवा दी।

