महायुद्ध की आहट: अमेरिका-ईरान वार्ता विफल, ट्रंप ने दिए ईरान की समुद्री घेराबंदी के आदेश
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हाई-लेवल (High-level) शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। 20 घंटे तक चली लंबी मैराथन बैठक के बाद भी दोनों देश ‘परमाणु हथियारों’ और स्थायी युद्धविराम के मुद्दों पर किसी सहमति तक नहीं पहुंच सके। वार्ता की विफलता के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिकी नौसेना (US Navy) को ईरानी समुद्री सीमा की नाकाबंदी करने के आदेश दे दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले या बाहर निकलने वाले हर जहाज की सख्त निगरानी और घेराबंदी (Blockade) की जाएगी। उन्होंने दो-टूक कहा कि यदि कोई देश ईरान को अवैध तरीके से टोल या टैक्स चुकाता है, तो उसे समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा कि तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग खोलने का वादा किया था, लेकिन वे अपनी बात से मुकर गए हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान जानबूझकर वैश्विक शांति में बाधा डाल रहा है और अंतरराष्ट्रीय नियमों (International Laws) का उल्लंघन कर रहा है। ट्रंप ने ईरानी नौसेना और उनके ‘माइन ड्रॉपर्स’ के नष्ट होने का दावा करते हुए कहा कि समुद्र में बिछाई गई कथित सुरंगों (Mines) के कारण किसी भी जहाज मालिक के लिए यह मार्ग जोखिम भरा हो गया है। इस तनावपूर्ण स्थिति ने खाड़ी देशों में एक बड़े सैन्य संघर्ष (Military Conflict) की संभावना पैदा कर दी है। ट्रंप की इस सख्त घोषणा ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

