संकट में सारथी बनी शेल: होर्मुज बंद होने के बाद भी भारत में गैस सप्लाई तेज, देश की सबसे बड़ी सप्लायर बनकर उभरी ग्लोबल कंपनी
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद दुनिया के कई देश कच्चे तेल और गैस के संकट से जूझ रहे हैं। होर्मुज जलमार्ग बंद होने और कतर जैसे बड़े सप्लायरों से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित होने के कारण भारत के सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन भारत अपनी रणनीतिक योजना के कारण गैस आपूर्ति बढ़ाने में सफल रहा है। इस कठिन समय में विश्व की दिग्गज कंपनी शेल पब्लिक लिमिटेड (Shell PLC) भारत की सबसे बड़ी गैस सप्लायर बनकर उभरी है। शेल ने न केवल मध्य-पूर्व के तनाव के बीच भारत को गैस की आपूर्ति तेज की है, बल्कि भारतीय फर्टिलाइजर सेक्टर में भी मुख्य कॉन्ट्रैक्ट (Contract) हासिल कर लिए हैं। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि देश में खाद उत्पादन और अन्य उद्योगों के लिए ईंधन की कमी नहीं होगी।
सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा यूरिया उत्पादन के लिए कच्चे माल की जरूरत पूरी करने हेतु निकाले गए बड़े टेंडर (Tender) में शेल ने अपनी धाक जमाई है। कुल 6 टीबीयू (ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) में से 4 टीबीयू का बड़ा हिस्सा अकेले शेल ने हासिल किया है, जो भारत की गैस सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। होर्मुज के बंद होने से खाड़ी देशों की सप्लाई रुक गई थी, फिर भी शेल ने स्पॉट और टर्म डिमांड (Demand) को पूरा करते हुए खाद कंपनियों और रिटेल विक्रेताओं को निरंतर गैस उपलब्ध कराई है। भारत की इस सूझबूझ भरी ऊर्जा नीति (Energy Policy) और शेल के साथ मजबूत तालमेल की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में भी भारतीय बाजार स्थिर बना हुआ है।

