गणदेवी नगरपालिका में कांग्रेस का सूपड़ा साफ: मैंडेट की कमी से 20 फॉर्म रद्द, भाजपा 21 सीटों पर निर्विरोध विजयी
नवसारी की गणदेवी नगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस को एक शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा है, जहाँ पार्टी का आधिकारिक मैंडेट (Mandate) जमा न करने के कारण कांग्रेस के सभी 20 उम्मीदवारों के नामांकन फॉर्म रद्द कर दिए गए। चुनाव अधिकारियों द्वारा फॉर्म की जांच (Scrutiny) के दौरान पाया गया कि कांग्रेस उम्मीदवारों के पास पार्टी का वैध पत्र नहीं था, जिसके चलते भाजपा ने 24 में से 21 सीटों पर बिना किसी विरोध के जीत हासिल कर ली है। इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण कांग्रेस ने चुनाव शुरू होने से पहले ही पूरी नगरपालिका भाजपा की झोली में डाल दी है। अब केवल 3 सीटें ऐसी बची हैं जहाँ निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा नाम वापसी (Withdrawal) के अंतिम दिन तक उन उम्मीदवारों को भी मनाकर पूरी नगरपालिका निर्विरोध अपने नाम कर लेगी।
इस बड़ी विफलता के बाद जिला कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह (Internal Conflict) चरम पर पहुंच गई है और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष शैलेष पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कोई साधारण गलती नहीं बल्कि भाजपा को ‘वॉकओवर’ देने के लिए पर्दे के पीछे किया गया एक बड़ा खेल हो सकता है। जहाँ भाजपा अपनी ‘साम, दाम, दंड, भेद’ की नीति के लिए जानी जाती है, वहीं कांग्रेस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये (Behavior) ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मैदान में केवल 3 निर्दलीय (Independent) प्रत्याशी शेष हैं, जिनसे भाजपा उम्मीदवारों का मुकाबला होना है, लेकिन राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए गणदेवी में कांग्रेस का अस्तित्व पूरी तरह से खतरे में दिखाई दे रहा है।

