उत्तर भारत में पारा 42 डिग्री के पार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की ‘हीटवेव’ गाइडलाइन्स, अस्पतालों में विशेष वार्ड तैयार
उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश राज्यों में वर्तमान में सूर्यदेव के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं, जहाँ औसत तापमान (Temperature) 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ने पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जनता के लिए एक विशेष ए़डवाइजरी (Advisory) जारी की है। इसके साथ ही देशभर के प्रमुख अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड (Heat Stroke Ward) सक्रिय कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण शरीर का तापमान अनियंत्रित होना, पानी की भारी कमी यानी डिहाइड्रेशन (Dehydration) और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, इस मौसम में फूड पॉइजनिंग और टाइफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने लोगों से अपील की है कि वे इस तपती गर्मी में खुद को सुरक्षित (Safe) रखने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें। गाइडलाइन्स के अनुसार, लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और जूस का सेवन करते रहना चाहिए। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को हमेशा ढंक कर रखें। घर को ठंडा रखने के लिए खिड़कियों और पर्दों का उपयोग करें और दोपहर के समय सीधी धूप में निकलने से बचें। यदि किसी को चक्कर आना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर (Doctor) से संपर्क करना चाहिए। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का अधिक ध्यान रखने का सुझाव दिया है ताकि लू (Heatwave) के गंभीर परिणामों से बचा जा सके।

