मिडल ईस्ट संघर्ष की भारी कीमत: ओमान के पास अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, केंद्र सरकार ने जताया गहरा शोक
मिडल ईस्ट में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच भारत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ओमान के समुद्री तट पर अमेरिकी सेना द्वारा ‘सेटेबेलो’ (MT Settebello) नामक तेल टैंकर पर किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। पलाऊ देश का झंडा लगा यह टैंकर जब गल्फ ऑफ ओमान से गुजर रहा था, तब अमेरिका ने अपने ब्लॉकेड (Blockade) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद जहाज के इंजन रूम (Engine Room) में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से तीन लापता भारतीय खलासी वीरगति को प्राप्त हुए, जिनके पार्थिव शरीर अब बरामद कर लिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है। इस हमले के तुरंत बाद चलाए गए बचाव अभियान में जहाज पर सवार अन्य 21 भारतीय क्रू मेंबर्स (Crew Members) को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिन्हें अब स्वदेश वापस लाने की कार्यवाही (Repatriation Process) जारी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (Charge d’Affaires) जेसन मीक्स को तलब किया और भारतीय नागरिकों की जान जाने पर अपना सख्त विरोध दर्ज कराया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि समुद्री सुरक्षा के नाम पर निर्दोष नाविकों की जान जोखिम में डालना अस्वीकार्य है।

