गांधीनगर में ₹5 लाख की घूस लेते क्लास-1 अफसर गिरफ्तार, घर और गाड़ी की तलाशी में मिला ₹2.64 करोड़ का खजाना
गुजरात में रिश्वतखोर अधिकारियों और भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कदम उठा रहा है, जिसके तहत गांधीनगर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विद्युत निरीक्षण कार्यालय में तैनात क्लास-1 अधिकारी ए.बी. चौधरी को सोलर पैनल स्थापित करने के लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी (NOC) जारी करने के एवज में ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर अधिकारी को कार्यालय परिसर में ही दबोच लिया। इसके बाद जब जांच एजेंसियों ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए आरोपी के अहमदाबाद और सूरत स्थित आवास तथा उनकी निजी कार (Personal Car) की सघन तलाशी ली, तो वहां से ₹1.76 करोड़ की बेहिसाब नकदी बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, ठिकानों से ₹88.82 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और ₹5.51 हजार के गिफ्ट वाउचर भी जब्त किए गए हैं। ब्यूरो ने भ्रष्ट अधिकारी के पास से कुल ₹2.64 करोड़ की अकूत संपत्ति जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भ्रष्टाचार का एक अन्य मामला सूरत से सामने आया है, जहां एसीबी ने जिला पंचायत के कृषि विभाग में कार्यरत एक महिला सीनियर अकाउंटेंट के बदले घूस की रकम स्वीकार करते हुए उनके 19 वर्षीय कॉलेज छात्र (Student) बेटे को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, क्लास-3 की कर्मचारी रूपल टेलर ने विभाग के 33 कर्मचारियों से टीए बिल पास करने और 13 कर्मचारियों से एलटीसी क्लेम (Claims) को आगे बढ़ाने के लिए कुल ₹62,500 की अवैध मांग की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में उनका बेटा ₹30,000 की नकद राशि ले रहा था। दोनों ही मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता को परेशान करने वाले ऐसे अधिकारियों के वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच (Investigation) की जा रही है ताकि उनके काले साम्राज्य का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

