BREAKING: देशव्यापी छात्र आंदोलन के आगे झुकी केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) पेपर लीक मामले में देश भर में चल रहे उग्र छात्र आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है। पिछले एक महीने से अधिक समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा संगठनों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा (Resignation) दे दिया है। नीट परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित धांधली, व्यापक अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देश भर के छात्र लगातार शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे, जिसके बाद यह बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चौबीसों घंटे चल रहे इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन (Protest) ने केंद्र सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया था। छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान के आगे अंततः सरकार को झुकना पड़ा। शिक्षा मंत्री के पद से हटने के साथ ही अब पूरे देश के प्रतियोगी छात्रों (Competitive Aspirants) में एक नई उम्मीद जगी है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

