दिल्ली में मानसून सत्र के पहले दिन भारी हंगामा: नीट विवाद और बेरोजगारी के खिलाफ CJP का ‘चलो संसद’ मार्च, दिल्ली पुलिस ने लागू की धारा 163
आज (20 जुलाई) से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) पेपर लीक घोटाले, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आज ‘चलो संसद’ मार्च का बड़ा आह्वान किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों छात्र, नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार और उनके अभिभावक रविवार शाम से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और तमाम खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड (Alert Mode) पर आ गई हैं, ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।
संसद भवन और उसके आसपास के अति-संवेदनशील हाई-सिक्योरिटी जोन (High-Security Zone) को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन द्वारा जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा और कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख इलाकों में त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा यानी थ्री-टायर सिक्योरिटी ग्रिड (Three-Tier Security Grid) तैनात कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर दिल्ली के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को फिलहाल आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। नई दिल्ली के डीसीपी (DCP) सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस विरोध मार्च के लिए आयोजकों द्वारा पुलिस विभाग से कोई आधिकारिक अनुमति (Permission) नहीं ली गई है। संसद सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली के पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध है और आदेश का उल्लंघन (Violation) करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

