ट्रंप का व्यापारिक प्रहार: भारत और चीन समेत 16 देशों के खिलाफ नई जांच शुरू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत, चीन और यूरोपीय संघ (EU) सहित 16 प्रमुख देशों की व्यापार नीतियों के खिलाफ एक व्यापक जांच शुरू की है। ट्रंप सरकार का मानना है कि इन देशों की व्यापारिक पद्धतियां ‘अयोग्य’ (Unfair) हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रीर के अनुसार, यह जांच मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर केंद्रित होगी: पहला, जरूरत से ज्यादा उत्पादन (Over-production) करना और दूसरा, जबरन मजदूरी (Forced Labor) कराकर सस्ते उत्पाद तैयार करना। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि इन देशों के साथ व्यापार निष्पक्ष नहीं पाया गया, तो इस साल की ग्रीष्म ऋतु (Summer) तक नए टैरिफ या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। ट्रंप अब कानूनी रास्तों का उपयोग कर उन टैक्सों को फिर से प्रभावी बनाना चाहते हैं जिन्हें पूर्व में कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
यह निर्णय रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण (Strategically Significant) माना जा रहा है, क्योंकि अप्रैल में बीजिंग में डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक बड़ी बैठक होने वाली है। इस बैठक से ठीक पहले जांच की घोषणा करके ट्रंप चीन और अन्य व्यापारिक भागीदारों पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं। इस जांच के दायरे में वियतनाम, थाईलैंड और बांग्लादेश जैसे देश भी शामिल हैं, जबकि कनाडा को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। ग्रीर ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता अमेरिकी नौकरियों (American Jobs) को बचाना है और इसके लिए यदि आयात शुल्क बढ़ाना पड़े, तो प्रशासन पीछे नहीं हटेगा। इस कदम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में एक बार फिर बड़ी उथल-पुथल की संभावना जताई जा रही है।

