‘ब्लैक फ्राइडे’: निवेशकों के 7 लाख करोड़ स्वाहा, क्रूड ऑयल $100 के पार पहुंचने से सेंसेक्स-निफ्टी में कोहराम
मिडल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल ने आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भूकंप जैसी स्थिति पैदा कर दी है। शुक्रवार को बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली (Selling) देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 923.58 अंक गिरकर 75,117.6 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 1.32% की गिरावट के साथ 23,323 के करीब पहुंच गया। इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों की लगभग 7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति (Wealth) मिनटों में खाक हो गई। गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान द्वारा तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल (Brent Crude) का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
बाजार में इस गिरावट के पीछे केवल तेल ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों (Global Markets) से मिलने वाले बेहद खराब संकेत भी जिम्मेदार हैं। अमेरिकी इंडेक्स डाओ जोंस इस साल पहली बार 47,000 के स्तर के नीचे बंद हुआ है, जिसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर देखा जा रहा है। साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव (Pressure) बढ़ता जा रहा है। आगामी 17 मार्च को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल है, जिसके कारण निवेशक जोखिम उठाने से बच रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है।

